The step ahead!!!
वक़्त की किताब का एक और पन्ना पलटा. उस पर कहीं गाड़ी स्याही धुलक गयी तो कही रौशनी का रंग बिखरा. उत्साह, गम, तालियाँ, शाबासी, ख़ुशी और आंसू, उदासी, अवसाद - जिंदगी के रंगदान में जितने भी रंग होते हैं वो सारे मैंने देखे. कभी किसी बात पर मैं भीतर से हुलस उठा, तो कभी किसी घटना ने मेरे अन्दर, मशक्कत से सहेजे गए कांच को झटके में चटका दिया एक व्यक्ति, एक समाज के तौर पर मैंने कुछ फैसले लिए, उन्मे कुछ गलतियां की तो कभी वो सही साबित हुए और काफी किस्सों को मैंने आने वाले दिनों के लिए रख लिया (आखिर सबसे बड़ी चिंता यही है के मैं आज चिंतित क्यूँ नहीं हूँ......ऐसा आगे न होने पाए) अपने कॉलेज से जाते जाते मुझे लगा के एक सलाम नज़र जरुर डालनी चाहिए. मैंने देखा और पाया कुछ बदले न बदले वक़्त बदल रहा है और आगे भी बदलता ही रहेगा. यादें ताजा करने के अलावा बीता वक़्त मुझे समझा गया है के अब यह फैसला करने का समय आ ही गया है के कौन सी बात मेरी ताक़त है और कौन कमजोरी. किन चीजो को सहेज कर अपने नवजीवन में अग्रसर होना है और क्या उन् पन्नो पर ही छोड़ देना है. Its true to all extent TIME IS TH...